लोक संग्रह

हर गीत की
एक कहानी है।

लोक की विधाएं, रचनाकार और स्मृतियां। गीतों के पीछे की दुनिया को जानने का एक रास्ता।

संगीत और संदर्भ

सुनिए। समझिए। जुड़िए।

कवि और परंपरा

गीत के साथ रचनाकार को भी याद रखें

एक परिचित लोकगीत अक्सर हम तक उसकी धुन और शुरुआती पंक्तियों के सहारे पहुंचता है। उसके पीछे किस रचनाकार का अनुभव है, यह प्रश्न कई बार छूट जाता है। चंदन तिवारी की संगीत यात्रा में कम सुने गए गीतों और उनके रचनाकारों की खोज एक महत्वपूर्ण सूत्र है।

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नदी और जीवन

लोकगीतों में बहती नदियां

लोकगीतों की नदी एक दृश्य से कहीं अधिक है। वह किनारे बसे जीवन, यात्राओं और लोगों की स्मृति से जुड़ी होती है। नदी के नाम के साथ कई बार एक पूरे संसार की आवाज़ सुनाई देती है।

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गांधी और लोक

लोक की स्मृति में गांधी और चरखा

गांधी से जुड़े लोकगीत विचारों को लोगों की भाषा और स्मृति में सुनने का एक रास्ता हैं। चरखा, खादी और सत्याग्रह इन गीतों में अनेक रूपों में सामने आते हैं।

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खोज और दस्तावेज

स्मृतियों को
आगे ले जाने का काम।

चंदन के काम में दुर्लभ लोकगीतों और कम सुने गए रचनाकारों की खोज शामिल है। उनके कलाकार परिचय में लोक विषयों पर लेखन, लोकराग गीतमाला जैसे ई-पुस्तक संग्रह और लोकगीतों के दस्तावेजीकरण का उल्लेख मिलता है।

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