गांधी और लोक

लोक की स्मृति में गांधी और चरखा

चंदन तिवारी की संगीत यात्रा का एक दृश्य

गांधी से जुड़े लोकगीत विचारों को लोगों की भाषा और स्मृति में सुनने का एक रास्ता हैं। चरखा, खादी और सत्याग्रह इन गीतों में अनेक रूपों में सामने आते हैं।

चंदन तिवारी की चरखवा चालू रहे श्रृंखला इसी संगीत यात्रा का हिस्सा है। उनके कलाकार परिचय में गांधी से जुड़े दुर्लभ और भूले हुए गीतों को खोजने तथा फिर से प्रस्तुत करने का उल्लेख है।

संगीत नाटक अकादमी के रंग स्वाधीनता समारोह की 2022 की सरकारी रिपोर्ट में उनकी प्रस्तुति में बटोहिया, कुंवर सिंह से जुड़े गीत, कजरी और गांधी पर आधारित चरखा गीत का उल्लेख मिलता है।

यह संग्रह संगीत के माध्यम से स्मृति और विचार के उस संबंध को सुनने का आमंत्रण है। उपलब्ध रचनाकार श्रेय और स्रोत प्रत्येक प्रस्तुति को उसके संदर्भ में समझने में मदद करते हैं।

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संदर्भ: कलाकार परिचय और उपलब्ध रिकॉर्डिंग के श्रेय।

रंग स्वाधीनता 2022 की मूल रिपोर्ट