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कवि और पुरबी

पुरबिया उस्ताद

हर गीत के पीछे एक रचनाकार, एक अनुभव और एक समय होता है। पुरबिया उस्ताद लोक के उन्हीं रचनाकारों की ओर लौटने का एक रास्ता है। यहां पुरबी और लोक कविता की प्रस्तुतियों के साथ उनके शब्दों को सुनिए।

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चंदन तिवारी की संगीत प्रस्तुति

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