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निर्गुण और चिंतन

निर्गुनिया कबीर

निर्गुण की दुनिया में जीवन के प्रश्न लोक की सहज भाषा में सामने आते हैं। इस संग्रह में कबीर और निर्गुण परंपरा से जुड़ी प्रस्तुतियों के साथ उन शब्दों और भावों को सुनिए। हर रचना का उपलब्ध श्रेय उसके साथ दिया गया है।

इस विषय से जुड़ी चुनी हुई प्रस्तुतियां
चंदन तिवारी की संगीत प्रस्तुति

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