विवाह और रिश्ते
विवाह गीत · गाय के गोबर से अंगना लिपायो रघुनंदन हरि (तिलक गीत )
पारंपरिक
प्रस्तुति सुनेंविवाह के गीतों में घर, रिश्ते और बदलते जीवन की अनेक आवाज़ें सुनाई देती हैं। बेटी चिरैया समान इस परंपरा की ओर लौटती है। चुनी हुई प्रस्तुतियों के साथ उन भावों और रीति-रिवाजों से जुड़िए जिन्हें पीढ़ियों ने गीतों में सहेजा है।

पारंपरिक
प्रस्तुति सुनेंमहेंदर मिसिर
प्रस्तुति सुनेंभिखारी ठाकुर
प्रस्तुति सुनेंभक्तदास माली (बक्सरवाले मामाजी)
प्रस्तुति सुनेंचंदन तिवारी · पुरबियातान
प्रस्तुति सुनें
2:46चंदन तिवारी · पुरबियातान
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4:33भिखारी ठाकुर
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1:27:55पारंपरिक, रसूल मियां, महेंदर मिसिर, मामाजी बक्सरवाले, स्नेहलता, कदमलता, किशोरी शरण जी
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7:14पारंपरिक
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